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शराब पीकर ड्यूटी पहुंचने पर टीआइ द्वारा फटकार लगाए जाने का आरोप, जांच जारी
सीपत थाने की घटना
बिलासपुर।
सीपत थाने में पदस्थ आरक्षक थाने में सुसाइड कर रहा था, जिसे स्टाफ ने बचाया और अधिकारियों को जानकारी दी। आरोप है कि वह शराब पीकर ड्यूटी पर पहुंचा था। आरक्षक पुलिस टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहा था। टीआइ ने शराब के नशे में ड्यूटी पर आने के कारण आरक्षक को फटकार लगाते हुए समझाइश दी। इसके बाद आरक्षक थाने पहुंचकर फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। साथी जवानों ने उसे किसी तरह रोककर अधिकारियों को जानकारी दी। दूसरी ओर इस मामले में प्रताड़ना वाली बात भी कही जा रही है, हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा कि इसके बाद आरक्षक की मांग के अनुसार उसे पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया है।
एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि बुधवार को सीपत थाने के जवान वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान थाने में पदस्थ आरक्षक धर्मेंद्र कश्यप भी वहां पहुंच गया। उसके मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। थाना प्रभारी कृष्णचंद्र सिदार ने आरक्षक को शराब पीकर ड्यूटी पर आने की बात कहते हुए फटकार लगाई। थाना प्रभारी के निर्देश पर पूरी घटना को रोजनामचा में दर्ज किया गया। गुरुवार की सुबह आरक्षक ड्यूटी पर पहुंचा। आते ही उसने अपने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। इसे देख साथियों ने आरक्षक को किसी तरह काबू में किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। अधिकारियों ने उसे समझाइश देकर पूरे घटना के संबंध में जानकारी ली। इस पर उसने पारिवारिक समस्या के कारण दूसरे थाने या पुलिस लाइन में पदस्थ करने की मांग की है।
प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप
घटना के बाद थाना प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि थाना प्रभारी की प्रताड़ना से थाने के जवान परेशान हैं। इसके कारण थाना के जवानों ने भी अधिकारियों से शिकायत की है। अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि अधिकारी थाना प्रभारी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ज्ञात हाे कि कुछ दिन पहले सरकंडा थाने के एक स्टाफ ने सुसाइड कर लिया था, उस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी पर प्रताड़ना का आराेप भी लगा था, जिसकी जांच अभी भी जारी है।
