निजात अभियान का असर: नशे के अंधकार से निकलकर उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे लोग

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“एसएसपी डॉ. संतोष कुमार सिंह के निजात अभियान की सफलता: रायपुर में सैकड़ों लोगों ने नशा छोड़कर बनाई नई पहचान”

सतत काउंसलिंग और जन-जागरूकता से कई लोगों ने नशे को अलविदा कहा, अब समाज में नए उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।

रायपुर:
रायपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘निजात अभियान’ के तहत, पुलिस के सतत प्रयासों और जन-जागरूकता अभियानों ने कई लोगों को नशे से निजात दिलाई है। आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. संतोष सिंह के निर्देशों के तहत इस अभियान में जिले के सभी थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है।

निजात अभियान नें इनकी बदल दी जिंदगी

अभियान के तहत, नशे के आदी लोगों को नशा-मुक्ति कक्षों में एनजीओ, डॉक्टरों, और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से काउंसलिंग दी जा रही है। रायपुर पुलिस द्वारा अब तक 370 लोगों की काउंसलिंग की जा चुकी है, जिनमें से दर्जनों ने नशा छोड़कर एक नई शुरुआत की है। अभियान के अंतर्गत नशा छोड़ने वालों की कहानियां समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

काउंसलिंग से मिली नई जिंदगी:
उरला थाना अंतर्गत ललित साहू, जो पहले नशे का आदी था, पुलिस की मदद से नशा छोड़कर अब टाटा मोटर्स में मैकेनिक का काम कर रहा है। इसी तरह, सिविल लाइन थाना अंतर्गत निगरानी गुंडा बदमाश करण रेड्डी, जो पहले शराब के नशे में मारपीट करता था, अब बस स्टैंड भाठागांव में काम कर अपना जीवन यापन कर रहा है।

परिवारों में लौटी खुशहाली:
मंदिर हसौद थाना निवासी अनिल कुमार, जो नशे के कारण अपने परिवार के साथ लड़ाई-झगड़ा करता था, अब नशा छोड़कर अपने पिता के साथ दुकान संभाल रहा है। इसी तरह, कबीर नगर थाना के वाल्मीकि नगर निवासी कमलेश देवांगन, जो गांजा का नशा करता था, पुलिस की निरंतर काउंसलिंग के बाद अब मेहनत करके अपना जीवन यापन कर रहा है।

परिवर्तन की एक और कहानी:
एक अन्य युवक, जो बचपन से नशे का आदी था, अब रायपुर में कार श्रृंगार की दुकान में काम कर रहा है। इन बदलावों से न सिर्फ इन व्यक्तियों का जीवन सुधरा है, बल्कि उनके परिवारों में भी सुख-शांति का माहौल बना है।

निजात नें कैसे बदल दी इनकी जिंदगी, सुनिए इनकी ही जुबानी
निजात नें कैसे बदल दी इनकी जिंदगी, सुनिए इनकी ही जुबानी
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निजात अभियान के प्रमुख बिंदु:

  • कुल काउंसलिंग: 370 लोगों की।
  • नशा छोड़ने वाले: दर्जनों लोग।
  • काउंसलिंग में सहयोग: डॉक्टर, एनजीओ, और सामाजिक कार्यकर्ता।
  • पुनर्वास में मदद: पुलिस की सक्रिय भागीदारी।

समाज में अभियान का प्रभाव:
‘निजात अभियान’ के तहत जिन लोगों ने नशा छोड़ा है, वे समाज में नए उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। पुलिस के इस प्रयास ने नशे के आदी लोगों को न केवल नया जीवन दिया है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।