रायपुर: रायपुर में पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बारह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को “कॉप ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने इस पहल की शुरुआत की है ताकि अच्छे कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिले।
सम्मानित अधिकारी और कर्मचारी
निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय: तेलीबांधा में फायरिंग मामले में सात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में योगदान के लिए।
निरीक्षक भुनेश्वर साहू: शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए।
उपनिरीक्षक सोमन लाल सिन्हा: गांजा परिवहन करते आरोपी की गिरफ्तारी के लिए।
सहायक उपनिरीक्षक नागेन्द्र सिंह: चिटफंड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए, जो 11 सालों से फरार थे।
सहायक उपनिरीक्षक सुरेश मिश्रा: एम्स अस्पताल में हमलावर विक्षिप्त व्यक्ति को काबू करने के लिए।
प्रधान आरक्षक टीकेमणी कुमार: चिटफंड धोखाधड़ी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए।
महिला प्रधान आरक्षक बसंती मौर्य: चैन स्नैचिंग के आरोपियों की गिरफ्तारी में योगदान के लिए।
प्रधान आरक्षक मोहम्मद सुल्तान: फर्जी कॉल सेंटर के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए।
आरक्षक विजय पटेल: निजात अभियान के तहत नशीली टेबलेट जब्त करने के लिए।
आरक्षक देवचंद सिन्हा: सौंपे गए कार्यों के उत्कृष्ट निष्पादन के लिए।
आरक्षक भारतेन्दु साहू: एम्स अस्पताल में हमलावर विक्षिप्त व्यक्ति को काबू करने के लिए।
आरक्षक छोटू राम देवांगन: डकैती की तैयारी कर रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए।
इन सभी को एसपी कार्यालय में प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एएसपी कीर्तन राठौर, डीएसपी ज्योत्सना चौधरी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हुई
अशोभनीय आचरण के कारण आरक्षक रामचरण ध्रुव को सस्पेंड कर लाइन अटैच किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि अनुशासनहीनता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।